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Wednesday, 12 June 2019

तनाव छोड़ो और सुख से जियो!

     

तनाव छोड़ो और सुख से जियो!

" दुख, परेशानी व तनाव से मुक्त रहने के लिए दो शर्तें जरूरी है! पहला, जो जैसा है उसे उसी रूप में देखा व स्वीकार किया जाए तथा दूसरा, भरोसा रखा जाए कि हर प्रतिकूलता को अनुकूलता में बदला जा सकता है! "

तनाव इंसान के जीवन में एक ऐसे भटकाव की तरह है जो व्यक्ति के जीवन में अड़चनों के सिवा और कुछ नहीं लाता! काम का दबाव तो सब पर होता ही है पर जो व्यक्ति इस दबाव को हंस कर सहन करता है उसके जीवन में तनाव कभी रोड़ा नहीं बनता है! बदलते माहौल के साथ लोगों की जीवनशैली में भी व्यापक परिवर्तन आया है और इस प्रतिस्पर्धा के दौड़ में खुद को तनावग्रस्त महसूस करना एक आम बात है!
      
 तनाव मुक्त रहने का सबसे कारगर तरीका यह है कि काम के बढ़ते दबाव को हंसकर मुकाबला करना सीखे! तनावग्रस्त व्यक्ति कभी अपने काम में परिपक्व नहीं बन सकता है और ना ही अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफलता हासिल कर पाता है! मानसिक तनाव जीवन को एक ऐसे नरक में धकेल देता है जिससे बाहर निकल पाना व्यक्ति के लिए बेहद मुश्किल है!
      
 अक्सर हम किसी काम को शुरू करते ही उसके सफलता या असफलता के प्रति शंकालु होकर तनावग्रस्त हो जाते हैं! यह तनाव जब अधिक समय तक बना रहता है तो चिंता  'डिप्रेशन' में बदल जाता है! तनाव का होना हमारे अंदर उत्पन्न होने वाली आशंका, अपने अंदर आत्मविश्वास की कमी, शांत चित्त होकर विचार करने में असमर्थ हो जाता है!

 एक बार आप तनाव के चंगुल में आ गए तो वह हर समय आपको परेशान करता रहेगा और वह आपके आत्मविश्वास को भटका देगा और अगर ऐसा हुआ तो यकीन मानिए कि इससे आप किसी क्षेत्र में सफल होते-होते असफल हो जाते हैं!









जब भी मन में आशंका उठे, हमें अपने बारे में तत्काल यह सोचना चाहिए कि " मैं क्यों कमजोर हो रहा हूं?" अपने आप से तर्क-वितर्क करके अपने ऊपर विजय प्राप्त करें एवं  अपने आत्मविश्वास को पुनः जगा लीजिए!
       
जब तक आपका आत्मविश्वास प्रबल है, तब तक आप बड़ी से बड़ी समस्या को लेकर तनावग्रस्त नहीं होंगे! वैसे भी जब तक हम किसी कार्य में अपनी समस्त शक्तियां नहीं लगाते हैं तब तक वह काम पूरा नहीं होता है! काम जितना कठिन होता है, उसके  लिए उतने ही दृढ़ विश्वास और निरंतर प्रयास की आवश्यकता होती है! यह सच भी है कि आत्मविश्वास, दृढ़ निश्चय और कठोर परिश्रम के सामने कुछ भी असंभव नहीं है!
        
आज के समय में 'तनाव' नामक शत्रु से सदा बच के रहना चाहिए तथा सफलता-असफलता का विचार छोड़कर अपनी आत्मशक्ति के प्रति विश्वास को जगाएं !
       
अतः दोस्तों, सफल जीवन जीने का मूल मंत्र यह है कि तनाव से लड़ना सीखे और तनाव को कभी खुद पर हावी ना होने दें! यह सब कुछ हम पर निर्भर करता है कि हम ऐसे परिस्थिति में खुद को कैसे संभालते हैं!
                                    
  ( Best of Luck for The New Life.)
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