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Saturday, 10 August 2019

जीवन में सकारात्मक नजरिया अपनाएं!

जीवन में सकारात्मक नजरिया अपनाएं!

" जिस दिन आप दूसरों  के नजरिया का फैसला करना छोड़ देंगे और अपनी सोच के बारे में निर्धारण करना शुरू कर देंगे, उसी दिन से दुनिया आपके लिए बदली हुई और खूबसूरत हो जाएगी! "
                    
जीवन के प्रत्येक गतिविधि के दौरान कोई ना कोई नई बात या नया सुझाव सामने आता ही है, जो सोचने का नया नजरिया प्रदान करता है! मनुष्य का स्वभाव है विचार करना, वह जैसा विचार करता है, वैसा ही उसका व्यक्तित्व बनता जाता है! संसार में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति हो जिसे सफलता पसंद ना हो! चाहे सफलता का क्षेत्र राजनीतिक, सामाजिक या शैक्षणिक हो, हर कोई सफल कहलाने के लिए उत्सुक रहता है!
          
 सकारात्मक सोच रखने से मन में उत्साह बना रहता है तथा भविष्य के प्रति उम्मीद बंधी रहती है! जबकि निराशावादी सोच व्यक्ति की सारी  योग्यता को मिटा डालती है! यह व्यक्ति की मानसिक शक्तियों को खत्म कर उसे ऐसे चक्रव्यूह में फंसा देती है कि व्यक्ति उस चक्रव्यूह में फंसकर अपने लक्ष्य से ना सिर्फ दूर हो जाता है बल्कि अमूल्य जीवन को भी व्यर्थ कर देता है!
            
 'सफलता' और 'असफलता' दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू होते हैं! यह संभव ही नहीं कि लक्ष्य प्राप्ति के मार्ग में मात्र सफलता ही सफलता मिले और असफलता का सामना करना ना पड़े! असफलता मिलते ही निराश होना स्वाभाविक मनोवृति है किंतु जल्द ही निराशा को झटक कर फिर से उठ खड़ा होना तथा उत्साह से लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाना ही सफल व्यक्ति की पहचान होती है!
           
संसार में जितने भी सफल व्यक्ति हुए हैं उन्हें भी असफलताओं का सामना करना पड़ा है उन्होंने 'आशा' का दामन नहीं छोड़ा और निरंतर आशापूर्ण विचारों से पूर्ण रहकर लक्ष्य प्राप्ति में लगे रहे और सफलता उन्हें अवश्य प्राप्त हुआ!


    
सफलता सदैव आपकी मनोवृत्ति पर निर्भर करती है! आपकी योग्यता, विश्वास, दूरदर्शिता, सकारात्मक नजरिया और आपके इस विश्वास पर निर्भर करती है कि आप कुछ कर सकते हैं तो आप सही सोचते हैं!
        
आपको एक समय में एक क्षेत्र की ओर ही अपना ध्यान लगाना चाहिए! जब आप भली-भांति सोच- विचार कर अपना लक्ष्य तय करें, इसके बाद फिर पीछे मुड़कर मत देखिए! यदि राह में असफलता भी मिलती है तो उससे सबक लेकर आगे बढ़ते रहें और आपकी दृष्टि मात्र अपने लक्ष्य की ओर ही रहनी चाहिए!
            
हमारी विचारधारा सकारात्मक तथा नकारात्मक दोनों ही प्रकार की हो सकती है! एक हमें समृद्धि तथा सफलताओं की ओर ले जाती है तो दूसरी असफलता की ओर! तो क्यों ना हम स्वयं को आशावादी विचारों में ही रखें! संदेह, असफलता का डर, निराशा इत्यादि यह सभी सफलता के लिए घातक सिद्ध होते हैं! इस प्रकार हर चुनौती का सामना सकारात्मक दृष्टिकोण से करना चाहिए!
       
सकारात्मक सोच तथा स्वयं पर विश्वास सफलता प्राप्त करने का अचूक मंत्र है! जब कोई व्यक्ति स्वयं पर विश्वास रखकर पूरी दृढ़ता के साथ कदम आगे बढ़ाता है तो रास्ता आसान हो जाता है!

 " यदि आप सोचते हैं कि आप कुछ कर सकते हैं तो आप सही सोचते हैं!"

                                    
( BEST OF LUCK FOR THE NEW LIFE )
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