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Thursday, 5 September 2019

सफलता चाहते हैं तो संघर्ष से ना घबराए!

सफलता चाहते हैं तो संघर्ष से ना घबराए!

" जो व्यक्ति अकेला होने पर भी जिंदगी में आगे कदम बढ़ाते जाता है, वह दूसरों से ' मीलों ' आगे निकल जाता है!"
                 
 प्रत्येक व्यक्ति को कभी ना कभी दिक्कतों का सामना करना ही पड़ता है! इस कारण कई बार हम मायूस हो जाते हैं! तब हमें यही सोचना चाहिए कि जिंदगी में ऐसी परिस्थितियों सबके साथ आती है, जिनका डटकर सामना करने वाला ही आखिरकार सफल होता है! जिंदगी में कभी जीत की खुशियां मिलती है तो कभी हार का गम! अब यह हम पर निर्भर करता है कि हम हार का सामना कैसे करते हैं क्योंकि यह तो तय है कि हार के बाद जीत बिना संघर्ष के नसीब नहीं होती!
     
  मैं मानता हूं कि कड़ी मेहनत और सच्चाई का कोई विकल्प नहीं है! सभी की जिंदगी में संघर्ष और मुश्किलें होती ही है लेकिन अपने मेहनत और ईमानदारी से ही हम उस दौर से निकलते हैं और अपनी मंजिल को पाते हैं! बिना कड़ी मेहनत के ' सक्सेस ' नहीं मिल सकती चाहे कोई भी हो उसे अपने 'टारगेट' तक जाने के लिए 'हार्ड वर्क' करना ही होगा! 

अगर आप में अपने लक्ष्य को पाने और 'हार्ड वर्क' करने का जज्बा है तो आपकी 'सक्सेस' को कोई नहीं रोक सकता! अपने काम में डूब जाइए और दिन- रात एक कर दीजिए फिर देखिए आपके लिए आसमान खुला पड़ा है! अगर आप मेहनती है तो आप कुछ भी कर सकती हैं!

           
जिंदगी में हार-जीत चलती रहती है लेकिन हमें कभी भी अपने सिद्धांतों से नहीं हटना चाहिए! अगर कभी जिंदगी में खराब समय आता भी है तो अपने संस्कारों की बदौलत आप उसका अच्छी तरह से मुकाबला कर पाएंगे! सिर्फ अपने लक्ष्य की ओर देखें संसार में ऐसा कोई भी आदमी नहीं है जो कभी हारा ना हो लेकिन यह हार भी एक सीख देकर जाती है और हमें हार से सीख लेनी चाहिए! 

अगर नाकामयाबी को इंसान सही तरीके से ले तो वह दो दिशाओं में आगे बढ़ता है! एक तो वह अपने काम को ' इंप्रूव ' करता है और दूसरे, अच्छे इंसान के तौर पर भी बेहतर बनता है!



         
  जिस प्रकार कठोर जमीन को बुवाई के लिए पहले 'हल' की नोक से जुताई की जाती है, उसी प्रकार 'संघर्ष' से भी हमारी सफलताओं के बीज बोए जाते हैं! अपनी त्रुटियों की खर-पतवार को चुन-चुन कर दूर किया जाता है और अपनी कमियों को निकाला जाता है ताकि उनकी दोहराव ना हो! जब तक हमारे प्रयासों से सफलता तक नहीं पहुंचा जाता, तब तक संघर्ष किया जाना चाहिए!
           
भले ही संघर्ष करने की यात्रा कितनी ही लंबी क्यों ना चलती रहे! हम खुद अपने भाग्य को नियंत्रित कर सकते हैं बशर्ते हमारा दृढ़ निश्चय  हो! हम भयभीत ना हो तथा हम हर कदम पूरी सूझबूझ के साथ उठाते हो!
          
दरअसल सोच-विचार कर काम करने की आदत भी हमें शक्ति और दिशा प्रदान करती है! सकारात्मक सोच हमारी 'इच्छा-शक्ति' तथा हमारी अनवरत कार्य शीलता इस शक्ति का संरक्षण और विकास करती है!
       
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी भी हो, निराश ना हो! निराशा नकारात्मक सोच को जन्म देती है! इसलिए हमेशा ' आशावादी ' बने रहें और सकारात्मक विचारों का अपनी जीवन में जगह दे! नकारात्मक विचारों को अपने मन से निकाल बाहर फेंके तभी हमारी ' इच्छा- शक्ति ' को मजबूती मिलेगी! 

इच्छाशक्ति के अभाव में सरल कार्य भी जटिल हो जाते हैं! हमें सफलता दिलाने में इसका बहुत बड़ा हाथ होता है बशर्ते हम अपनी पूरे मन से कार्य करते रहे! अपना प्रयास जारी रखें अर्थात हम लगातार संघर्ष करते रहे! इसके लिए यह जरूरी है कि हम अपने आपको मानसिक तथा शारीरिक स्तर पर पूरी तरह से स्वस्थ और सक्रिय रहें! 


कभी भी किसी स्तर पर निष्क्रियता को अपने जीवन में ना आने दे ताकि संघर्ष कम करना पड़ेगा और सफलता से शीघ्र मिले!

        

दोस्तों, याद रखिए की जीवन में कोई भी चीज बिना मेहनत, बिना संघर्ष के नहीं मिलते!

( Best Of Luck For the New Life.)

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2 comments:

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