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Tuesday, 17 September 2019

बेहतर जिंदगी जीने के कुछ नियम !

        

 बेहतर जिंदगी जीने के कुछ नियम !

  " जिंदगी सिर्फ जीने का नाम नहीं, जिंदगी एक एहसास है जिसके हर पल को खुश होकर जीना चाहिए!"
                
 लोग पूरी जिंदगी जी जाते हैं लेकिन उनको अंत तक समझ ही नहीं आता कि जिंदगी के मायने क्या है! व्यक्ति जैसा सोचता है उसका व्यक्तित्व उसी के अनुरूप ढल जाता है! यदि आपके मन मस्तिष्क में हमेशा नकारात्मक बातें आती है तो बात-बात में आप थक जाएंगे, काम से जी-चुराएंगे और ऐसे में मंजिल भी आपसे दूर होती जाएगी! इसके विपरीत यदि प्रतिकूल परिस्थितियां हैं, सोच सकारात्मक है तो आपका हौसला बना रहेगा, आगे बढ़ने के नए-नए विचार मन में आते रहेंगे और अपने काम में डटे रहने के कारण आपके कदम मंजिल की ओर बढ़ते रहेंगे! 

साथ ही किसी समस्या के समाधान के लिए सदैव प्रयत्नशील रहेंगे तथा सकारात्मक सोच जिंदगी को बेहतर बनाने में मददगार होती है क्योंकि इससे विपरीत परिस्थितियों में भी निराशा पास नहीं भटकती और आगे बढ़ने का हौसला बना रहता है!

       
अक्सर जिंदगी में कुछ ऐसे पल आते हैं जब हम निराशा से ग्रस्त हो जाते हैं! ऐसे समय में ना तो हमें कुछ सूझता है और ना ही कुछ समझ आता है, निराशा में घूलकर हम खुद को और ज्यादा परेशान कर लेते हैं! यदि हम खुद ही अपनी परेशानियों का हल ढूंढ लेंगे तो हमें अपनी परेशानियां समझ में भी आएंगी और उन से निजात पाने का रास्ता भी स्पष्ट होगा! 

इसके लिए कुछ बातों को ध्यान में रखकर हम अपनी जिंदगी को बेहतर बना सकते हैं! जैसे कि


  * जीवन के हर पल को सरलता और बिना किसी तकलीफ के निरंतर सुकून से चलाने के लिए यह जरूरी है कि हम अति भावुकता से बचें तथा अपनों के लिए प्रेम और अपनापन व्यक्त करना अच्छी बात है पर जरूरत से ज्यादा भावुकता होना जीवन के लिए हानिकारक हो जाता है!




  *  हम अपनी सोच को संतुलित रखें और किसी भी रिश्ते या किसी के द्वारा कही गई बातों को खुद पर हावी ना होने दें किसी भी बात का निर्णय दिल से नहीं बल्कि दिमाग से लें और अपनी भावनाओं पर काबू करने की कोशिश करें! इससे हमारी कई समस्याएं हल हो जाएगी!

     
   *  हम किसी भी परिस्थिति या किसी भी हाल में रहें पर हमें अपने जीवन का ध्येय को नहीं भूलना चाहिए! हम अगर अपने हर पल की कीमत समझे और जीवन में आगे बढ़ने के लिए उसका प्रयोग करें तो हम सफल जरूर होंगे!
     
   * अगर हम बदलते वक्त में अपनी बेहतरीन की संभावनाओं को तलाश करें तो हम पाएंगे कि वक्त कभी एक सा नहीं रहता यह बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए कि वक्त कभी अच्छा या बुरा नहीं होता बल्कि हमारे कर्म ही उसे अच्छा या बुरा बनाते हैं!
    
  कई बार बीता हुआ कल भी वर्तमान को प्रभावित करता है! जब कभी हमें ऐसा महसूस हो तो हमें सचेत होने की जरूरत है! जो बीत चुका है उस पर अफसोस करने से अच्छा है उन गलतियों से सबक लेते हुए आगे बढ़े!
   
    *  हमें आज जो भी काम करने हैं, उन्हें यह सोचकर करना चाहिए कि वह हमारे भविष्य को किस तरह से प्रभावित करेंगे! इसके लिए बहुत ही ज्यादा चिंतित ना होते हुए धैर्य के साथ सुनियोजित तरीके से योजना बनाकर काम करें!
    
    *  हमें अपने किसी भी काम को कल पर नहीं छोड़ना चाहिए! अगर यह हमारी आदत है तो आगे बढ़ने के लिए इसे तत्काल बदलने की जरूरत है! जब हम अपने सब काम समय पर पूरे करेंगे तभी आने वाले कल की चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करेंगे!
    
   *  जीवन के हर क्षेत्र को अपनी अध्ययन शाला माननी चाहिए! जिस प्रकार अध्ययन के दौरान विद्यार्थी अपनी असफलता से हताश नहीं होते और पुनः प्रयास करते हैं उसी प्रकार कर्म क्षेत्र को अपने अध्ययन शाला मानते हुए लगातार संघर्ष करना चाहिए! इससे जीवन में सफलता के नए द्वार खुलते हैं!
         

यदि हम किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले सोच-विचार कर ले तो बाद में हमें उस काम के नकारात्मक परिणामों के लिए पछताना नहीं पड़ेगा और बेहतर ढंग से लिया गया निर्णय निश्चित ही भविष्य के लिए प्रभावी होगा!
    
( Best of Luck for the new Life )
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1 comment:

  1. Really this article improve our life...... Thank you sir.

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