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Sunday, 15 December 2019

कुछ तो लोग कहेंगे क्योंकि....

कुछ तो लोग कहेंगे क्योंकि....

    " अपने आप को बेहतर बनाने के लिए इतना समय दीजिए कि आपके पास दूसरों की आलोचना करने के लिए कोई समय ही ना बचे!"
       
        आपकी अगर उन्नति होती है और आप किसी काम में आगे बढ़ते हैं तो आपकी आलोचना भी आपके साथ ही रहेगी! जहां पर आप तरक्की करते हैं वहां पर आलोचना होना आम बात है! इस पर ध्यान ना देकर आपको आगे बढ़ते रहना चाहिए!
           
    सदियों से संसार अच्छाई और बुराई को लेकर चल रहा है और आगे भी चलता रहेगा! मुश्किलें तो हर किसी की जिंदगी में आती है लेकिन बहुत कम लोग ही होते हैं जो इन मुश्किलों का सामना करने में सफल हो पाते हैं! मुश्किलों से घबराए नहीं बल्कि इनको 'फेस' करना सीखें!

       कुछ लोग ऐसे होते हैं कि उन्हें जरा सी कोई बात कह दी जाए तो वह उदास हो जाते हैं! लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए! द्वेष, जलन, शक इत्यादि से मनुष्य का मन खराब हो जाता है ना जाने लोग अपने स्वार्थ के खातिर अपनों का हित क्यों नहीं चाहते!
      
  इसके विपरीत कई अजनबी व्यक्ति दूसरों की भलाई के लिए अपने प्राण जोखिम में डालते हैं! यह इसलिए हो पाता है क्योंकि उस अजनबी व्यक्ति को अच्छे संस्कार मिले होते हैं! उस व्यक्ति का मन परोपकारी होता है तथा ऐसे अजनबी व्यक्ति बहुत मुश्किल से मिलते हैं!

       दूसरों की मदद अपने नाम को प्रसिद्ध करने के लिए नहीं करते है! वे इसलिए मदद करते हैं क्योंकि दूसरों के कष्ट को महसूस कर उसकी तड़प से उनका मन व्यथित हो जाता है! उसकी समस्या का हल दूर करने के लिए वे अपनी क्षमता अनुसार उनका निवारण करने का प्रयास करते हैं!


      
   अगर आपकी कोई तारीफ करता है, तो आप बहुत खुश हो जाते हैं और जब कोई आलोचना करता है, तब आप नर्वस होने लगते हैं! जरा सोचिए आपकी जिंदगी किसके हाथ में है? खुद से एक सवाल करें कि आप अपनी मर्जी से अपनी जिंदगी चला रहे हैं या फिर आपकी जिंदगी का हैंडल वह सामने वाला व्यक्ति कर रहा है जो आपकी तारीफ या आलोचना करता है! जब भी कोई आपकी आलोचना करे तो उसे चुनौती के रूप में लें! आलोचना से आपको अपनी कमियों का पता चलता है और यह आपके हाथ में है कि आप उसे किस रूप में लेते हैं!


   धैर्यवान और सहनशील व्यक्ति ऐसी बातों की परवाह नहीं करते क्योंकि उनमें एक दूसरे के प्रति आस्था और प्रेम होता है और एक दूसरे को कई वर्षों तक परखा होता है इसलिए वे जरा भी विचलित नहीं होते हैं! उनमें दूरदर्शिता होती है तथा उन्हें मालूम है कि कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना!

याद रखिए परिस्थितियों को हैंडल करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है इसलिए इस पर जीत पाने के लिए आपको हर रोज प्रयासरत होना चाहिए, इससे आपके भीतर आत्मविश्वास तो आएगा साथ ही आपके काम भी बेहतर होगा!
एक बात तो यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आप कभी भी अपनी बात की सफाई ना दें! जो गलती हुई है उसे साफ-साफ बता दे! अगर बार-बार आप अपनी बात की सफाई देंगे तो लोग बार-बार आपसे सफाई मांगेंगे!
                                       
( BEST OF LUCK FOR THE NEW LIFE.)
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