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Saturday, 15 February 2020

जीवन में आगे बढ़ने के लिए 'सेल्फ मैनेजमेंट' जरूरी है!

जीवन में आगे बढ़ने के लिए 'सेल्फ मैनेजमेंट' जरूरी है!     

              हर हाल में जो व्यक्ति सामान्य और संतुलित रहता है, कामयाबी (Success) उसी के हिस्से में आती है! जो व्यक्ति संतुलित रहना नहीं जानते, वे कई बार कामयाबी के नजदीक जाकर भी उसे हासिल नहीं कर पाते! अगर आप सही मायने में इस परेशानी से निजात(Relief) पाना चाहते हैं तो आपको जीवन के प्रति अपने नजरिए में बदलाव लाना चाहिए तथा आपको यह समझना होगा कि जीवन में कुछ भी स्थाई(Permanent) नहीं होता! 

    अगर आपके हालात ठीक नहीं है और हर कदम पर नाकामयाबी मिल रही है, तब भी यह जरूरी नहीं कि सब कुछ हमेशा ऐसा ही रहेगा! बदलाव का नाम ही तो जिंदगी है लेकिन सकारात्मक(Affirmative) बदलाव के लिए यह जरूरी है कि हम अपनी सोच में बदलाव ले आए! अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम बदली हुई परिस्थितियों के साथ कभी सामंजस्य नहीं बैठा पाएंगे! इसके लिए 'सेल्फ मैनेजमेंट' की आवश्यकता होती है!
      
'सेल्फ मैनेजमेंट' एक ऐसी कला(Art) है, जो जीवन में सफलता, व्यक्तित्व निर्माण और लक्ष्य प्राप्ति की ओर हमें निरंतर आगे बढ़ने में हमारी सहायता करती है! अपनी क्षमता के बारे में तथा उनके सही उपयोग के लिए यह आवश्यक है कि हम जीवन में 'सेल्फ मैनेजमेंट' को महत्वपूर्ण स्थान दें क्योंकि 'सेल्फ मैनेजमेंट' ही वह एकमात्र जरिया है, जो हमारे लिए हर क्षेत्र में सफलताओं के द्वार आसानी से खोल सकती है!
          
       जीवन को संतुलित(Balanced) और व्यवस्थित(Systematic) बनाए रखने के लिए स्वयं की क्षमताओं को प्रभावी ढंग से उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है! इसके लिए स्वयं की क्षमताओं से अपरिचित(Unknown) और उसके उपयोग के अभाव(Absence)में व्यक्ति सफलता के लिए उसका उपयोग नहीं कर पाता है, जिसके कारण असफलता(Failure) प्राप्त होने पर वह पूरी तरह से हार कर टूट जाता है! हमारी इस हार की प्रमुख वजह होती है 'सेल्फ मैनेजमेंट' का अभाव!
                 
    जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह आवश्यक है कि सबसे पहले हम स्वयं को जाने, अपनी क्षमताओं(Capacities), योग्यताओं(Abilities) और शक्तियों (Strength) को पहचाने! इसके साथ ही इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि मेरी वर्तमान स्थिति क्या है? ऐसी स्थिति में मुझे कौन सा लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, जो मेरे सीमित संसाधनों(Limited resources) के उचित  उपयोग के बाद निश्चित रूप से सफलता प्राप्त हो  सके! 

         इन सभी बातों को ध्यान में रखकर हम अपनी वास्तविक स्थिति को आसानी से पहचान  सकते हैं और उसी के अनुसार आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे!



   अपना निरीक्षण(Inspection) करने के पश्चात जहां एक ओर हम अपनी खूबियों (Marits) का पहचान कर लेते हैं वहीं दूसरी और हमें अपनी गलतियों (Mistakes)  की भी जानकारी हो जाती है! ऐसे में जरूरत इस बात की होती है कि हम समय रहते जल्दी से जल्दी गलतियों या कमजोरियों को दूर करके अपनी योग्यताओं में निखार लाएं तथा अपनी शक्ति का सदुपयोग करें! इसके साथ ही सफल व्यक्तियों के आदर्श जीवन का अध्ययन करें तथा उनके जीवन की सफलताओं तथा असफलताओं के अनुभव से सीख लेकर अपने जीवन को भी आदर्श(Ideal) एवं समृद्ध(Prosperous) बनाएं!

      इसके साथ ही अपने लक्ष्य की प्राप्ति और कार्य को पूरा करने के लिए अपनी योग्यता, क्षमता और शक्ति के अनुसार ही लक्ष्य का निर्धारण करना चाहिए! अक्सर देखा जाता है कि कुछ व्यक्तियों में क्षमताएं अधिक होती है, किंतु कभी-कभी वह जीवन के किसी एक पक्ष के प्रति इतना अधिक असंतुलित(Unbalanced) हो जाता है कि लक्ष्य उससे काफी दूर हो जाती है और उसे असफलता का सामना करना पड़ता है!
      इस प्रकार से 'सेल्फ मैनेजमेंट' किसी व्यक्ति को कार्य और आराम के बीच, पारिवारिक जीवन और कार्य क्षेत्र के बीच, समय और स्थिति के बीच संतुलन स्थापित करना सिखाती है! इसलिए जीवन में आगे बढ़ने के लिए 'सेल्फ मैनेजमेंट' का होना अति आवश्यक है!
    
 (Best Of Luck For the New Life. )
                             ***

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